गले में नाग की शोभे माला |
एक-एक राही बटोही से पूछा,
कहाँ है दीनदयाला रे |
शिव – शंकर डमरु वाला,
गले में नाग की शोभे माला |
गौरी जाए तेरे संग भोला,
कैलाश पर रहने को |
नंदी जाए तेरे संग दानी,
बना सवारी रहने को |
अब तो दरश दिखा दे भगवन,
भोले ओ मतवाला रे |
शिव – शंकर डमरु वाला,
गले में नाग की शोभे माला |
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