तेरी पूजा का दीपक जलाऊँगा मैं,
नंगे पाँव तेरे दर, दौड़ा आऊँगा मैं ।
सिर्फ मेरी
नहीं, जग
की मैया है तू ।
पार करती है
नैया, वो खेवैया है तू ।
तेरा गुणगान, दिन रात गाऊँगा मैं।
नंगे पाँव
तेरे दर, दौड़ा
आऊँगा मैं ।
मैया तेरी शरण
आज आए हैं हम ।
तेरे दर आने
से ही दूर होते हैं गम ।
तू सब जानती, क्या छुपाऊँगा मैं ।
नंगे पाँव
तेरे दर, दौड़ा
आऊँगा मैं ।
आस मन में ये है तेरा दर्शन मिले ।
दूर हो जाएगी, सारी शिकवे गिले ।
एक तू है
सहारा, कहाँ
जाऊँगा मैं ।
नंगे पाँव तेरे दर, दौड़ा आऊँगा मैं ।
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