भजन

 



                                                    

भजन

                                         
                           

तेरी पूजा का दीपक जलाऊँगा मैं,
नंगे पाँव तेरे दरदौड़ा आऊँगा मैं ।

सिर्फ मेरी नहीं, जग की मैया है तू ।
पार करती है नैया, वो खेवैया है तू ।
तेरा गुणगान, दिन रात गाऊँगा मैं।
नंगे पाँव तेरे दरदौड़ा आऊँगा मैं ।
 
मैया तेरी शरण आज आए हैं हम ।
तेरे दर आने से ही दूर होते हैं गम ।
तू सब जानती, क्या छुपाऊँगा मैं ।
नंगे पाँव तेरे दर, दौड़ा आऊँगा मैं ।
 
आस मन में ये है तेरा दर्शन मिले ।
दूर हो जाएगी, सारी शिकवे गिले ।
एक तू है सहारा, कहाँ जाऊँगा मैं ।
नंगे पाँव तेरे दर, दौड़ा आऊँगा मैं

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