गाओ खुशियों के गीत,
वे हैं मेरे मन के मीत।
सारी नगरी सजाओ,
फूल पलकें बिछाओ।
छोड़ आओ सारे काम,
जपो मन ही मन में नाम।
वह हैं नयनाभिराम,
मेरे राम हैं, मेरे राम हैं।
वह हैं दशरथ के नंदन,
करो उनका अभिनंदन।
निशिदिन करो वंदन,
थाल में रख लो चंदन।
जब वो आएँगे निज धाम,
हर्षित होगा सारा ग्राम।
करना कर जोरि प्रणाम।
वही राम हैं, मेरे राम हैं।
वह हैं देवों के देव,
पूजा करते उनकी महादेव।
भक्तवत्सल हैं भगवान,
सेवक हैं उनके हनुमान।
उन्होंने अहिल्या को तारा,
रावण बलशाली संहारा।
ऋषियों की करते सेवा निष्काम,
मेरे राम हैं, मेरे राम हैं।
हमने रस्ता बहारा,
हरपल राह निहारा।
जिसने दिल से पुकारा,
उनको देते हैं सहारा।
उनके सिवा न कोई और,
उनके चरणों में ही ठौर।
जपते हरदम जिनका नाम,
वही राम हैं, मेरे राम हैं।


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